किसान भाइयों अगर आप किसान है तो आपके घर पर गाय या भैंस जरुर होंगी और नहीं हैं तो आपको अपनी जगह को देखते हुए गाय या भैंस जरुर रखनी चाहिए| इससे आपको शुद्ध दूध के अलावा खेतों में लगे फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए देशी गोबर की ऑर्गेनिक खाद भी मिलेगी |

तो दोस्तों आज के इस लेख में हम जानेंगे की घर पर पड़े गोबर को कैसे अच्छी तरह से ऑर्गेनिक खाद बनाकर अपने खेतों में लगे फसलों में उपयोग करके फसलों की अच्छी गुणवत्ता और उत्पादन को बढ़ा सकते हैं |
गोबर की अच्छी खाद बनाने की विधि
- सबसे पहले किसानों को अपनी आवश्यकता अनुसार 5 से 6 मीटर लम्बा और 1.5 से 2.0 मीटर चौड़ा तथा 1 मीटर गहरा गड्ढा बना लेना है |
- अब किसानों को तुड़ा, मिट्टी को पशु मूत्र में मिलाकर मिक्स कर लेना चाहिए |
- एक दिन बाद बनाये गए गड्डे में गोबर और तुड़ा, मिट्टी तथा पशु मूत्र के मिश्रण को डाल देना चाहिए।
- आपको बनाये गए गड्ढे में जमीन की सतह से 50 सेंटीमीटर ऊपर तक इस मिश्रण को इसी तरह बनाकर भर लेना है |
- इसके बाद इसे गाय के गोबर और मिट्टी को मिक्स करके इसके ऊपर अच्छी तरह मोटी लिपाई कर दें |
- यदि आपके पास ज्यादा पशु हैं तो आप इस तरह अनेक गड्ढे बनाकर यहीं प्रक्रिया अपनाएं |
- इस विधि से बनाई गई गोबर की दमदार खाद 5 महीने में बनकर रेडी हो जाती है |
- अब इन खादों को किसान अपने खेतों में या खड़ी फसलों में उपयोग कर सकते हैं |
फसलों में गोबर खाद उपयोग करने का सही समय
गोबर की अच्छी सड़ी हुई खाद को सबसे पहले खेत की तैयारी करते समय अंतिम जुताई पर 15 टन प्रति हेक्टेयर मिलाना चाहिए | उसके बाद फसलों की बुवाई करने के 35 दिन बाद कतारों में पानी के साथ देना चाहिए | इससे फसल की पैदावार बढ़ती है ।
गोबर की खाद के फायदे
- गोबर की खाद के लाभ को देखते हुए देश में सरकार भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है |
- गोबर की खाद को खेती में प्रयोग करने से रासायनिक खादों की अपेच्छा लागत शून्य आती है |
- गोबर का निरंतर प्रयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कई गुना बढ़ा देती है |
- इसे प्रयोग से फसलों में रोग और कीट कम लगते हैं |
- पशुओं के गोबर, मूत्र, खाने के बाद इनके बचे भोजन, की खाद बनाने से कोई खर्चा नहीं आता है |
- खेत में गोबर खाद डालने से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है।
- इसमें सभी प्रकार के मुख्य पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्निशियम, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सल्फर आयरन, मैंगनीज, कॉपर और जिंक आदि पाए जाते हैं|